रात के करीब 12 बजे थे। समीर ने जैसे ही हवेली का भारी लकड़ी का दरवाज़ा खोला, एक अजीब सी ठंडी हवा का झोंका उनके चेहरे से टकराया। ज़ोया को महसूस हुआ जैसे कोई उसके कान में फुसफुसा रहा हो— "तुम यहाँ क्यों आए?"
यह कहानी शुरू होती है सरहद के पास बसे एक छोटे से गाँव 'वीरानपुर' से। वहां एक पुरानी हवेली थी जिसे स्थानीय लोग 'साया मंजिल' कहते थे। बरसों से बंद इस हवेली के बारे में मशहूर था कि जो भी सूरज ढलने के बाद इसके साय में जाता है, वह कभी वापस नहीं लौटता। horror story hindi urdu new
जब सन्नाटा बोलने लगा (The Haunting Begins) horror story hindi urdu new